भारत हमेशा से आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र रहा है। यह वह भूमि है जहाँ संत और महात्मा हर युग में अपनी शिक्षाओं और उपदेशों से पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहे हैं। ऐसे ही संतों में प्रेमानंदजी महाराज भी शामिल हैं, जिनके विचार युवाओं और विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से प्रेरणास्त्रोत हैं।
आज के इस लेख में हम आपके सामने युवाओं में लोकप्रिय संत प्रेमानंदजी महाराज के प्रेरक विचार (Premanand Maharaj Quotes in Hindi ) प्रस्तुत कर रहे हैं, जो आपके जीवन में आत्मविश्वास और सफलता की नई राह दिखाएंगे।
- छात्रों के लिए प्रेमानंदजी महाराज के प्रेरक विचार | Premanand Maharaj Motivational Quotes for Students
- प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल प्रवचन
- जानिये प्रेमानंद जी महाराज के बारे में
- विराट कोहली सहित कई सितारे बाबा जी से लेते हैं आशीर्वाद
- कैसे आप अपने जीवन से सभी दुख मिटा सकते हैं?
- पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
छात्रों के लिए प्रेमानंदजी महाराज के प्रेरक विचार | Premanand Maharaj Motivational Quotes for Students
कोई भी इस दुनिया में हमेशा जीतता नहीं, कोई हमेशा हारता नहीं, कोई हमेशा खुश नहीं रहता, और कोई हमेशा दुखी नहीं रहता। मनुष्य जीवन में यह बदलाव चलता रहता है।
4:00 बजे सुबह उठना, स्नान करना, भगवान को एक लोटा जल चढ़ाना, 10-20 मिनट बैठकर नाम जप करना, किसी स्तोत्र का पाठ करना, माता-पिता गुरुजनों को प्रणाम करना – यही अध्यात्म है।
बच्चों और माता-पिता को एक-दूसरे से दोस्त जैसा व्यवहार करना चाहिए, आमने-सामने बैठकर दिल की बातें समझें और दोस्त की तरह एक-दूसरे का साथ देना चाहिए ।
जब भी आप किसी ऊँचे स्थान या महत्वपूर्ण पद तक पहुँचना चाहो, रास्ते में कई प्रश्न और चुनौतियाँ आएंगी। ये परीक्षाएँ इसलिए होती हैं ताकि आपकी योग्यता साबित हो सके। केवल इन्हें पार करने के बाद ही आप उस पद के अधिकारी बन सकते हो।
सकारात्मक सोच से ही जीवन सुखी बनता है। दुख-सुख और जीत-हार हमेशा नहीं रहते। जैसे दिन के बाद रात आती है, वैसे ही हालात बदलते रहते हैं।
नकारात्मक सोच भजन और अच्छे कर्मों के बिना नहीं दूर होती। चाहे आपके पास अरबों रुपये हों, बड़ा पद हो, परिवार सब कुछ हो, फिर भी नकारात्मक सोच आपको चैन से नहीं रहने देगी।
ब्रह्मचर्य, प्राण और मन – तीनों का तालमेल है। ब्रह्मचर्य सही हो तो मन शांत होता है, नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक सोच आती है।
जीवन में अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए ईश्वर की शरण लें, नाम जप करें, बुरे आचरण छोड़ें और सात्विक भोजन अपनाएं।
अच्छे और साधु व्यक्तियों के संगति में रहने से मन शांत रहता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
सपने और उम्मीदें हमेशा नई ऊर्जा देती हैं, पर उनका सही उपयोग करना ज़रूरी है।
सत्संग और भगवन का नाम जप ही क्रोध, चिंता और अनिश्चितता को मिटा सकता है। हरि शरणं के बिना किसी को भी शांति नहीं मिलती।
भविष्य की चिंता छोड़िए, वर्तमान में केंद्रित रहिए क्योंकि पिछली चिंताएं आपकी मदद नहीं करेंगी। राधा राधा राधा कहने से आपका भविष्य भी ठीक हो जाएगा।
भगवान का नाम जपने से मन शुद्ध होता है और हृदय पवित्र बनता है। नाम जप से सभी अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं।
नाम जपें, शराब और मांस से बचें, बुरी नजर और गंदे आचरण से दूर रहें। मनुष्य जीवन ऐसे कामों के लिए नहीं है।
मनुष्य जीवन में मानसिक शांति के लिए नाम जप और भक्ति सबसे बड़ा औषधि है।
हर समस्या में घबराने या चिंता करने की बजाय धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए। यही असली समाधान है।
अपने आचरण को शुद्ध रखने और नियमित नाम जप करने से मानसिक अशांति कम होती है और खुशियाँ बढ़ती हैं।
सकारात्मक सोच ही जीवन का सुख है। दुख और सुख, जय और पराजय ये टिकाऊ नहीं है। जैसे दिन टिकाऊ नहीं है वैसे रात टिकाऊ नहीं।
नकारात्मक सोच क्यों है? क्योंकि आधार नहीं है। आधार हो तो तुरंत उसका हल है – भगवान हैं, प्रभु हैं। हम उनका भजन करते हैं, हम उनके आश्रित हैं।
नकारात्मक सोच बिना भजन के नहीं जाएगी। चाहे अरबों रुपये हों, बड़ा पद हो, पति-पत्नी सब कुछ हो, फिर भी नकारात्मक सोच तुम्हें चैन से नहीं रहने देगी।
हमेशा सोचने की आदत तो सबमें होती है, लेकिन मन को शांत और केंद्रित रखना जरूरी है। मन ब्रह्मा जैसा होना चाहिए – स्थिर, साधक और महात्मा।
भगवान का नाम जपने से मन शुद्ध होता है और हृदय पवित्र बनता है। नाम जप से सभी अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं।
सत्संग और भगवान् का नाम ही क्रोध, चिंता और अनिश्चितता को मिटा सकता है। हरि शरणं के बिना किसी को भी शांति नहीं मिलती।
भय, संदेह, शोक, चिंता – इन सबसे मुक्ति चाहिए तो भगवान की शरण में जाइए। डर कहते हैं तो निर्भय हो जाएंगे, चिंता कहते हैं तो निश्चिंत हो जाएंगे।
सच्चा प्रेम केवल प्रभु के नाम का है, बाहरी प्रेम अस्थायी है। जो महान प्रेमी है वो आपके अंदर बैठा है – नाम जप हमेशा करते रहो।
प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल प्रवचन
अगर हम हर चीज़ को बुरा मानकर निराश हो जाएँ, तो हमारी पूरी जिंदगी दुख और तनाव में बदल जाएगी। इसलिए मुश्किल समय में भी सकारात्मक सोच रखें और सहनशील बनें।
जीवन में कभी-कभी हार, दुख या पराजय का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम धैर्य बनाए रखें और सब कुछ नकारात्मक नजर से न देखें।
जो चरित्रहीन हैं, चाहे कितनी भी दौलत जुटा लें, वे सच्चा सुख और शांति नहीं पा सकते।
परमात्मा की प्राप्ति ही केवल सच्ची पूर्णता देती है जिसे पाने के बाद कुछ बाकी नहीं रहता, जिसे जानने के बाद और सीखने की आवश्यकता नहीं होती, और जिसे अनुभव करने के बाद कोई भय या चिंता नहीं रहती।
जब हमारे अंदर लालसा कम हो जाए, जब कोई हमें परेशान करे लेकिन हम क्रोध न करें, और जब धन हमारे पास आए लेकिन उससे मोह न बढ़े – तब समझो कि हमारा ज्ञान और भक्ति दोनों बढ़ रहे हैं। यह संकेत है कि हम आध्यात्मिक रूप से मजबूत हो रहे हैं।
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जानिये प्रेमानंद जी महाराज के बारे में
प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज आज के समय के सबसे प्रभावशाली युवा संतों में से एक हैं, जिन्हें लाखों श्रद्धालु “महाराज जी” के नाम से जानते हैं। वे राधावल्लभ सम्प्रदाय से जुड़े हुए हैं और वृंदावन धाम से अपनी आध्यात्मिक शिक्षाएं साझा करते हैं। उनका जन्म अनिरुद्ध कुमार पांडेय के नाम से 30 मार्च 1969 को कानपुर के पास अखरी गांव में हुआ। मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने अपने पैतृक घर को छोड़कर संन्यास का मार्ग अपनाया, जो उनके साहस और आत्म-संकल्प का प्रतीक है।
संन्यास जीवन में प्रवेश के बाद उन्हें “आनंदस्वरूप ब्रह्मचारी” और बाद में “स्वामी आनंदाश्रम” नाम दिया गया। उन्होंने अपने प्रारंभिक वर्ष वाराणसी के गंगा तट पर आध्यात्मिक साधना में बिताए। यहीं संत पंडित स्वामी श्री राम शर्मा जी के मार्गदर्शन में रासलीला देखने का अनुभव उन्हें राधावल्लभ सम्प्रदाय से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मोड़ बना। बाद में उन्होंने गुरु गौरांगी शरणजी महाराज से दीक्षा प्राप्त की और “सहचारी भाव” तथा “नित्य विहार रस” की शिक्षाएं हासिल की।
महाराज जी की खासियत यह है कि वे पारंपरिक संस्कारों और शिक्षाओं को आधुनिक भाषा में सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनके YouTube चैनल “भजन मार्ग” पर लाखों लोग उनके सत्संग सुनते हैं। ब्रह्मचर्य, चरित्र निर्माण, नाम जप और आध्यात्मिक जागृति उनकी मुख्य शिक्षाएं हैं, जो उन्हें आधुनिक युग के संतों में एक विशिष्ट स्थान देती हैं।
2016 में उन्होंने “श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट वृंदावन” की स्थापना की, जो तीर्थयात्रियों को आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा सेवा और अन्य आवश्यकताएं प्रदान करता है।
Information Reference : Wikipedia, Navbharat TImes, ABP Live
विराट कोहली सहित कई सितारे बाबा जी से लेते हैं आशीर्वाद
क्या आप जानते हैं? विराट कोहली भी समय-समय पर इस आश्रम का दौरा करते हैं! वह यहां की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करने आते हैं। कहा जाता है कि जब विराट कोहली अपने करियर के सबसे मुश्किल समय से गुजर रहे थे, तब वह इस आश्रम आए। वह सिर्फ क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए भी यहां आते हैं। आश्रम का वातावरण उन्हें तनाव कम करने और अपने मन को शांत रखने में मदद करता है।
साथ ही, इस आश्रम में दिन-प्रतिदिन कई सेलिब्रिटी बाबा जी का आशीर्वाद लेने आते रहते हैं। यहां भजन-कीर्तन और सत्संग से प्रेरणा लेते हैं। यह दर्शाता है कि आध्यात्मिक साधना सिर्फ संतों के लिए नहीं, बल्कि किसी भी व्यक्ति के लिए फायदेमंद है, जो अपने जीवन में शांति, संतुलन और ऊर्जा चाहते है।
कैसे आप अपने जीवन से सभी दुख मिटा सकते हैं?
आज के समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो परेशान न हो। हालाँकि, मानव जीवन में सुख और दुख लगातार चलते रहते हैं। लेकिन अगर आप भी अपने जीवन से सभी दुख मिटाना चाहते हैं, तो इसका रास्ता आपके अपने हाथ में है।
आपको केवल अपने जीवन में सही आदतें, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक शिक्षाओं को अपनाना होगा। ऊपर दिए गए प्रेमानंद महाराज के प्रेरक विचार (premanand maharaj quotes) आपके लिए एक मार्गदर्शन की तरह काम कर सकते हैं। इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा पा सकते हैं।
छोटे-छोटे बदलाव, जैसे नाम जप, भजन-कीर्तन सुनना, सत्संग में भाग लेना और अपने विचारों को नियंत्रित करना, आपके जीवन में खुशियों और संतुलन की स्थिति ला सकते हैं। यह दिखाता है कि दुख और परेशानी जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें मिटाना और मानसिक शांति पाना पूरी तरह से संभव है।
ध्यान रहे कि शुरुआत का कदम आपको ही उठाना होगा। जैसे-जैसे आप अपने कर्तव्य और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ते जाएंगे, जीवन की चुनौतियाँ सहज लगने लगेंगी। आपके भीतर आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा पैदा होगी। छोटे-छोटे प्रयास धीरे-धीरे बड़ी बदलाव की दिशा में काम करेंगे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख “प्रेमानंद महाराज के प्रेरक विचार” अवश्य पसंद आया होगा। यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे अपने मित्रों और प्रियजनों के साथ शेयर करना न भूलें।
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