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जहाँ से आस्था बहती है, वहीं से नर्मदा जयंती की शुरुआत होती है। माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि श्रद्धा, शांति और जीवन का प्रतीक हैं। नर्मदा जयंती पर लोग अपने परिवार और मित्रों को शुभकामनाएँ, प्रेरणादायक कोट्स और सुंदर संदेश भेजते हैं, जिससे इस पावन पर्व की खुशियाँ सभी के साथ साझा की जा सकें।

नर्मदा जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ | शुभकामना संदेश

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Narmada Jayanti Quotes/Wishes in Hindi

नर्मदा जयंती पर शायरी और सुविचार

नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है?

नर्मदा जयंती माँ नर्मदा के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पावन पर्व है। हिंदू धर्म में माँ नर्मदा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि माँ का दर्जा दिया गया है। ऐसा माना जाता है कि माँ नर्मदा का जल पवित्र होता है और उनके दर्शन से मन और जीवन दोनों शुद्ध होते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ नर्मदा का अवतरण धरती पर रहने वाले जीवों के कल्याण के लिए हुआ था। कहा जाता है कि माँ नर्मदा का स्मरण करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में शांति व सकारात्मकता आती है। इसी श्रद्धा और विश्वास के कारण भक्त हर वर्ष नर्मदा जयंती को पूरे भाव और आस्था के साथ मनाते हैं।

इस साल नर्मदा जयंती कब है? (2026)

वर्ष 2026 में नर्मदा जयंती रविवार, 25 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।

नर्मदा जयंती के दिन भक्तजन प्रातःकाल स्नान कर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर नर्मदा घाटों पर दीपदान, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। मध्य प्रदेश सहित नर्मदा तटवर्ती क्षेत्रों में यह पर्व विशेष श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है।

मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध स्थान जहाँ नर्मदा जयंती मनाई जाती है

मध्य प्रदेश को माँ नर्मदा की जन्मभूमि और कर्मभूमि कहा जाता है। यहाँ नर्मदा जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।

1. अमरकंटक

अमरकंटक माँ नर्मदा का उद्गम स्थल है। नर्मदा जयंती के दिन यहाँ सबसे बड़ा आयोजन होता है। हजारों श्रद्धालु माँ नर्मदा के दर्शन करने आते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

2. ओंकारेश्वर

ओंकारेश्वर एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहाँ माँ नर्मदा और भगवान शिव का विशेष संबंध माना जाता है। नर्मदा जयंती पर यहाँ दीपदान, भजन और धार्मिक यात्राएँ निकाली जाती हैं।

3. महेश्वर

महेश्वर अपने सुंदर घाटों और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। नर्मदा जयंती के अवसर पर यहाँ नर्मदा घाटों पर विशेष पूजा और दीप प्रज्वलन किया जाता है।

4. जबलपुर

जबलपुर में नर्मदा जयंती के दिन घाटों पर धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। यहाँ के ग्वारीघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं।

5. होशंगाबाद (नर्मदापुरम)

नर्मदा के तट पर स्थित यह शहर नर्मदा जयंती के अवसर पर विशेष सजावट और धार्मिक आयोजनों के लिए जाना जाता है।

6. खेडीघाट

खेडीघाट मध्य प्रदेश में माँ नर्मदा के तट पर स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो ओंकारेश्वर से लगभग 30 किलोमीटर पहले पड़ता है। नर्मदा जयंती के अवसर पर यहाँ विशेष श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है।

हमारा व्यक्तिगत अनुभव | Our Personal Experience

यदि आप इस साल नर्मदा जयंती के पावन उत्सव में शामिल होने का मन बना रहे हैं, तो हमारे अनुभव के आधार पर हम आपको ओंकारेश्वर या खेडीघाट जाने की सलाह देंगे।

ओंकारेश्वर इंदौर से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि खेडीघाट इंदौर से करीब 45–50 किलोमीटर दूर पड़ता है और ओंकारेश्वर से लगभग 30 किलोमीटर पहले आता है।

नर्मदा जयंती के दिन इन स्थानों पर सुबह से ही एक अलग ही श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है। घाटों पर दीपदान, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन होते हैं। खासकर खेडीघाट उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो भीड़ से दूर, शांति में माँ नर्मदा के दर्शन करना चाहते हैं।

नोट: नर्मदा जयंती केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह माँ नर्मदा और सभी पावन नदियों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी को समझने का अवसर भी है। इस दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि नर्मदा तट या किसी भी नदी में कचरा नहीं डालेंगे, पूजा सामग्री को सीधे जल में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थान पर ही रखेंगे और प्लास्टिक के उपयोग से बचेंगे।

साथ ही, हमें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए जागरूक करना चाहिए। माँ नर्मदा हमें जीवन देती हैं, इसलिए यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता को सहेजकर रखें।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

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इस लेख को तैयार करने में, हमने पारंपरिक ग्रंथों, विश्वसनीय स्रोतों और गहन शोध का उपयोग किया है। हमारा प्रयास है कि दी गई जानकारी त्रुटि रहित हो। यदि आपको कोई तथ्यात्मक त्रुटि दिखाई देती है तो कृपया हमें सुझाव दें ताकि हम उसे तुरंत सुधार सकें। धन्यवाद! 🙏 ॐ नमः शिवाय।

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